वर दे वीणावादिनी वर दे ! ----- सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" वर दे वीणावादिनी वर दे ! ----- सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"
माँ हो जाये बूढ़ी, उनका रखना ख्याल। माँ हो जाये बूढ़ी, उनका रखना ख्याल।
जीत जाऊँगा जंग सभी साथ गर तेरा मेरा बल। जीत जाऊँगा जंग सभी साथ गर तेरा मेरा बल।
बन राधा अपने मोहन की, नाम जपूँ शुचि यमुना कूले। बन राधा अपने मोहन की, नाम जपूँ शुचि यमुना कूले।
शब्द पंखुड़ियों ने रो -रो धो लियें बीती रात कमल दल फूले हृदय पपीहा शूलों पर झूले। शब्द पंखुड़ियों ने रो -रो धो लियें बीती रात कमल दल फूले हृदय पपीहा शूलों पर...
ए मानव कर सकते हो तुम जो मन में कुछ ठान भी डालो। ए मानव कर सकते हो तुम जो मन में कुछ ठान भी डालो।